मंगलवार, 22 अगस्त 2017

प्रश्न

1)प्रश्न-
निरंतर-अ-प्रिय
हिंदी-111111-11
परन्तु यहाँ-122 12 होगा क्या कृपया समझाए?
2)प्रश्न-
कृतज्ञ-(हिंदी-112)
यहाँ 121 होगा क्या आदरणीय?
3)प्रश्न-
ज्ञानी-(ग्+या+नी//0 22)
सही है क्या?
4)प्रश्न-
कुछ अक्षरों में मात्रा गणना समझाए जैसे-त्र, क्ष,श्र।
5)प्रश्न-
सामान्यतः सामान 221 होता हैपरन्तु गायन मेजैसे

मेरा कुछ सामान (सामान उच्चारण सा आ मान हो रहा है तो क्या गणना 2221 होगी?या 221ही रहेगी?)
22 //2 //221या2221 ?
तुम्हारे पास पड़ा है
122//21//12//2
6)प्रश्न
नियम क्रमांक 7 के संदर्भ में।
सामान्यतः आधा अक्षर उससे ठीक पहले वाले की पीठ पर लद कर उससे जुड़ जाता है और पहले वाले अक्षर का मात्रा भार बदल जाता है परंतु इस नियम में ऐसा नही है  क्या ऐसा  इसलिये है क्योंकि आधा अक्षर के बाद दीर्घ अक्षर आया है या क्या ये नियम सिर्फ इन्ही शब्दों के लिए मान्य हैकृपया उलझन दूर करे।
मार्गदर्शन करें आदरणीय।

मित्रों, चंचल पाहुजा जी ने एक पंक्ति लिखी। उसकी मात्रा-गणना देखें--

बहुत अच्छा मिस्रा है आपका। कई बातें सीखने को मिलेंगी इससे। मिस्रा है--
"तेरे प्यार के गर सहारे न होते"
अगर सिर्फ़ शब्दों के हिसाब से देखें तो--
तेरे=22
प्यार=21
के=2
सहारे=122
न=1
होते=22
   मगर यह ग़ज़ल की एक बह्र यानी छन्द है--
फ़ऊलुन-फ़ऊलुन-फ़ऊलुन-फ़ऊलुन
हरेजै-हरेजै-हरेजै-हरेजै
122-122-122-122
अब आप अपनी पंक्ति पर आने से पूर्व तीन दिन पहले की एक चर्चा में मैंने "कोई" शब्द को लेकर कहा था कि "यह हवा भरा हुआ एक ऐसा गुब्बारा है, जो वैसे तो सामान्य अवस्था में रहता है मगर परिस्थितिवश अपना आकार भी बदल लेता है। ठीक यही बात "तेरे", "मेरे" जैसे शब्दों के साथ भी लागू होती है। आवश्यकतानुसार  "तेरे" के यूँ रूप बदलते हैं--
तेरे 22
तिरे=12
तेर=21
आप सब जानते हैं कि ग़ज़ल में मात्रा-पतन का सिद्धांत चलता है ( जिसका अध्ययन हम आगे चलकर करेंगे) उस नियम से "तेरे" शब्द उक्त तीन अवस्थाओं में समयानुसार खुद को ढाल लेता है। अब देखें आपकी पंक्ति में यह किस रूप में आया है--
तेरे प्यार के गर सहारे न होते
22 21  2  2  1 22 1 22
लेकिन यह चूँकि बह्र या छन्द नहीं है और अगर इस पंक्ति को इसी अवस्था में गाने या गुनगुनाने का प्रयास करेंगे तो शुरू में ही कुछ अटकाव महसूस होगा, क्योंकि इसकी बह्र है--
हरेजै-हरेजै-हरेजै-हरेजै
122-122-122-122
तिरे प्या/र के गर/सहारे/ न होते
तिरे प्यार के गर सहारे न
12   21  2  2  12 2 1
होते
  22

जी बिलकुल ठीक है। दरअस्ल इसमें पहले मुश्त+ए=मुश्ते होता है और फिर "ए" की मात्रा का पतन होता है। तब यह बह्र--
"मुश्त'-ख़ाक स' उठ जाए' मुकद्दर मेरा" र। जाता है। ध्यान दें कि जिस अक्षर पर ' चिह्न लगा है वहाँ मात्रा पतन हुआ है।

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